
१.
आप यदि ह्रदय से काम में लग जाये तो सफलता अवश्य ही प्राप्त होगी I जो जिस सम्बन्ध में मन लगाकर ह्रदय से परिश्रम करता है, उसमे उसकी सफलता तो होती ही है, पर उसके पश्चात ऐसा भी हो सकता है कि उस कार्य कि तन्मयता से करने पर ब्रह्मविधा तक कि प्राप्ति हो जाये I जिस कार्य में मन लगाकर परिश्रम किया जाता है, उसमे भगवन भी सहायता करते है
( वि.सा.-६ ,१७०-१७१ दसवां पुनमुद्रण जनवरी २०१२ )
२.
विचार और ध्यान के बल पर उद्देश्य तक अथवा ब्रह्म-तत्व में पहुंचना होगा I इस प्रकार साधना करने से गंतव्य स्थल पर ठीक ठीक पहुंचा जा सकता है यही मेरी सम्मति में सरल तथा शीघ्र फलदायक मार्ग है I
(वि.सा.-६ १६८ दसवां पुनमुद्रण जनबरी २०१२)
